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Edge Computing क्या है?

Published by
Deepak Singh

Edge Computing क्या है? एज कम्प्यूटिंग तकनीक क्या है? एज कम्प्यूटिंग से जुड़ी जानकारी जानते है? यदि नही जानते हैं तो आज आप सही जगह पर आए है।

Edge Computing क्या है?

दोस्तो आज के इस आर्टिकल में हमने एज कम्प्यूटिंग से जुड़ी जानकारी दी है। जैसा कि आप लोग जानते हैं कि जिस प्रकार विज्ञान तेजी के साथ बढ़ रहा है ऐसे में आए दिन कोई ना कोई नया टेक्नोलॉजी मार्केट में लांच हो रही है। 

ऐसे में आप लोगों ने एज कंप्यूटर के बारे में जरूर सुना होगा जो आज की तारीख में एक उभरता हुआ नया टेक्नोलॉजी सिस्टम है। अगर आपको इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं है तो यह आर्टिकल आपके लिए है।

तो आइए जानते हैं एज कम्प्यूटिंग क्या है, एज कम्प्यूटिंग का फुल फॉर्म क्या है, एज कम्प्यूटिंग के फायदे और नुकसान क्या है और एज कम्प्यूटिंग से जुड़ी जानकारी हिंदी में जानेंगे।

Edge Computing का फूल फॉर्म क्या है?

एज कंप्यूटिंग का फुल फॉर्म Enhanced Data Rates For GSM Architecture” होता है।

एज कम्प्यूटिंग क्या है?

Edge Computing एक डिस्ट्रिब्यूटेड आईटी आर्किटेक्चर है जो कंप्यूटिंग रिसोर्स को क्लाउड और डेटा सेंटर से जितना संभव हो सके, उतना मूल सोर्स के करीब ले जाता है।

Edge Computing क्लाउड कम्प्यूटिंग के विपरीत काम करता है। एज कंप्यूटिंग का मुख्य लक्ष्य यही है की, डेटा प्रोसेसिंग और नेटवर्क लागत को बचाने के दौरान latency requirements को कम करना है।

यदि इसको आसान शब्दों में बताए तो, Edge Computing एक ऐसी नई तकनीक है जिसके माध्यम से आप किसी भी नए डाटा को Process के साथ-साथ real-time के डाटा को भी काफी फास्ट तरीके से प्रोसेसिंग कर सकते है।

Edge Computing की मदद से समय की काफी बचत होती है, इसके माध्यम से आप किसी भी डाटा को काफी कम समय में प्रोसेसिंग कर सकते हैं क्योंकि इसके सभी data पहले ही क्लाउड कंप्यूटिंग के माध्यम से प्रोसेसिंग किए हुए हैं।

Edge Computing की सबसे बड़ी बात यही है कि आप एज कंप्यूटिंग में कोई भी चीज सर्च करेंगे तो उसके रिजल्ट काफी तेजी के साथ आएंगे क्योंकि उसका सर्वर लोकल होता है।

यदि इसको आसान भाषा में समझे तो edge Computing फास्ट टेक्नोलॉजी है जिसमें डाटा प्रोसेसिंग और डाटा server को एक-दूसरे के नजदीक लाया जाता है। एज कंप्यूटिंग में internet Latency की रेट काफी कम होती है I 

Edge Computing के फायदे:

Edge Computing के फायदे के बारे में जानकारी नीचे बताई है:

  • Edge Computing की स्पीड काफी अधिक होती है। इसके  द्वारा आप डाटा को काफी तेजी के साथ प्रोसेसिंग कर सकते हैं इससे आपको समय की बचत होगी।
  • कई सारी बड़ी कंपनियों के लिए edge computing का इस्तेमाल करना काफी महंगा हो जाता है, इसके बजाय आज कई सारी कंपनिया में edge computing का इस्तेमाल होता है क्योंकि इसकी लागत भी कम होती है।
  • एज कंप्यूटिंग में डाटा काफी सुरक्षित होते हैं क्योंकि यहां पर डाटा को पहुंचने में काफी कम समय लगते हैं जिसके कारण कोई भी व्यक्ति इस के डाटा को चोरी नहीं कर सकता है।
  • क्लाउड कंप्यूटिंग के मुकाबले एज कंप्यूटर का इस्तेमाल आज की तारीख में अधिक हो रहा है क्योंकि यहां पर डाटा को store करने के लिए कम पैसे की जरूरत पड़ती है क्योंकि इसका स्टोर लोकल सर्वर पर होता है I
  • जैसा कि आप जानते हैं कि 5G टेक्नोलॉजी भी बहुत जल्द दुनिया में लांच होने वाली है ऐसे में 5G टेक्नोलॉजी को संचालित करने के लिए कंप्यूटर की जरूरत पड़ेगी I

Edge Computing के नुकसान:

Edge Computing के नुकसान के बारे में जानकारी नीचे बताई है:

  • Edge Computing को संचालित करने के लिए अधिक डिवाइस की आवश्यकता होती है, जिसके कारण बिजली और पैसे दोनों अधिक खर्च होते हैं।
  • एज कंप्यूटिंग में डाटा की प्राइवेसी बहुत कम होती है।
  • इस प्रकार के टेक्नोलॉजी में डाटा के ऊपर पूरा अधिकार एज कंप्यूटिंग सिस्टम का होता है, उसके ऊपर user का कंट्रोल ना के बराबर होता है।
  • एज कंप्यूटिंग में डाटा को सुरक्षित करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है क्योंकि इसका सर्वर लोकल होता है, जिससे डाटा को कोई भी व्यक्ति आसानी से hack कर सकता है।

Final Conclusion: Edge Computing से जुड़ी जानकारी हिंदी में

दोस्तो आज के इस आर्टिकल में हमने आपको एज कम्प्यूटिंग से जुड़ी जानकारी शेयर की है, जिसमे हमने आपको बताया कि Edge Computing क्या है? (what is edge computing in Hindi), एज कम्प्यूटिंग का फुल फॉर्म क्या है, एज कम्प्यूटिंग के फायदे और नुकसान और इसके अलावा एज कम्प्यूटिंग के फीचर के बारे में जानकारी दी है।

इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद उम्मीद है की आपको एज कम्प्यूटिंग से जुड़ी सारी जानकारी मिल चुकी होगी। फिर भी इस आर्टिकल को लेकर कोई सवाल या कोई जानकारी शामिल करवाना चाहते हैं तो आप नीचे दिए गए कमेंट में जरूर बताएं।

This post was last modified on 16/07/2024

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